राजभाषा नियमों के बारे में जागरूकता के लिए भारतीय मृदा एवं जल संरक्षण संस्थान, देहरादून में कार्यक्रम आयोजित

  • जागरूकता कार्यक्रम में कंप्यूटर पर उपयोगी हिंदी ई-टूल्स पर हिंदी कार्यशाला-सह-प्रशिक्षण पर दिया गया जोर
  • अधिकारियों ने हिंदी के अनुवाद और कंप्यूटर में हिंदी कार्य को आसान तरीके से करने के बारे में विस्तृत व्याख्यान प्रस्तुत किया
  • भारतीय मृदा एवं जल संरक्षण संस्थान, देहरादून में आयोजित कार्यक्रम में पूर्णदिवसीय हिंदी कार्यशाला में 35 प्रतिभागियों ने लिया हिस्सा

देहरादून : बुधवार को भा.कृ.अनु.प. – भारतीय मृदा एवं जल संरक्षण संस्थान (भा.मृ.ज.सं.सं.), देहरादून में राजभाषा नियमों के बारे में जागरूक करने एवं कंप्यूटर पर उपयोगी हिंदी ई-टूल्स पर हिंदी कार्यशाला-सह-प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। पूर्णदिवसीय हिंदी कार्यशाला में डॉ. सोमेश्वर पाण्डेय, वरिष्ठ राजभाषा अधिकारी एवं इं. अमित चौहान, सहायक मुख्य तकनीकी अधिकारी, भारतीय मृदा एवं जल संरक्षण संस्थान, देहरादून प्रमुख प्रशिक्षक के रूप में उपस्थित रहे । यह कार्यशाला दो सत्रों में डॉ.वी.वी. ध्रुव नारायण संगोष्ठी कक्ष में आयोजित की गई । जिसमें 35 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया ।

प्रथम सत्र में डॉ. सोमेश्वर पाण्डेय, वरिष्ठ राजभाषा अधिकारी ने हिंदी भाषा:, भाषा में संस्कृत, पाली भाषा और तिमाही रिपोर्ट के संबंध में एवं ई-ऑफिस में कंठस्थ का उपयोग के बारे में विस्तृत व्याख्यान प्रस्तुत किया ।द्वितीय सत्र में इं. अमित चौहान, सहायक मुख्य तकनीकी अधिकारी ने हिंदी कंप्यूटर का उपयोग के बारे में पीपीटी के मध्यम से व्याख्यान प्रस्तुत किया जिसमें हिंदी के अनुवाद और कंप्यूटर में हिंदी कार्य को आसान तरीके से करने के बारे में विस्तृत व्याख्यान प्रस्तुत किया ।

इस अवसर पर प्रभारी अधिकारी (राजभाषा) अनिल कुमार चौहान ने उपस्थित सभी प्रतिभागियों को हिंदी की सभी धाराओं का पालन करते हुए अधिक से अधिक हिंदी में काम करने को कहा तथा कार्यशाला में उपस्थित सभी प्रतिभागियों का स्वागत किया । कार्यशाला के अपने अध्यक्षीय संबोधन में निदेशक डॉ. एम.मधु ने वक्ताओं को उनके ज्ञानवर्धक वक्तव्य और प्रायोगिक मार्गदर्शन के लिए एवं कार्यशाला में प्रतिभाग करने वाले सभी वैज्ञानिकों, अधिकारियो एवं कर्मचारियों का स्वागत किया और राजकीय काम काज में हिंदी के प्रगामी प्रयोग के लिए ऐसी हिंदी कार्यशालाओं को अत्यंत उपयोगी बताया निदेशक ने अपने स्वागत भाषण में हिंदी एक विश्व स्तरीय भाषा बनाने में सभी उपस्थित साथियों के सहयोग की अपील की । साथ ही सभी उपस्थित साथियों को हिंदी राजभाषा के नियमों का पालन अधिक से अधिक कार्य हिंदी में करने का आह्वान किया।

कार्यक्रम के अंत में राजभाषा अधिकारी अनिल कुमार चौहान ने सभी प्रतिभागियों, प्रशिक्षकों व उपस्थित अन्य सदस्यों का धन्यवाद किया ।

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