एमडीडीए को स्वीकृत मानचित्र निरस्त कर ध्वस्तीकरण कार्यवाही के निर्देश

देहरादून : मसूरी में राजमार्ग संख्या 707ए (त्यूनी-चकराता-मसूरी-बाटाघाट) के कि०मी० 162 पर होटल देवलोक के निकट स्थित प्रतिधारक दीवार के क्षतिग्रस्त होने की घटना के संबंध में जिलाधिकारी सविन बसंल के निर्देश पर संयुक्त मजिस्टेªट राहुल आनंद ने अधिशासी अधिकारी, नगर पालिका परिषद मसूरी; प्रभारी निरीक्षक, कोतवाली मसूरी; सहायक अभियन्ता/अवर अभियन्ता, मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण; अधिशासी अभियन्ता, राष्ट्रीय राजमार्ग, लोक निर्माण विभाग डोईवाला तथा जिला खान अधिकारी देहरादून/प्रतिनिधि के साथ संयुक्त निरीक्षण किया।

संयुक्त निरीक्षण के दौरान पाया गया कि संबंधित संपत्ति नगर पालिका अभिलेखों में 349.50 वर्ग मीटर क्षेत्रफल में अनीता थलवाल, सुनिता धनई एवं सतीश गोयल के नाम दर्ज है। जिनको एमडीडीए द्वारा आवासीय मानचित्र के माध्यम से भूतल पर 178.85 वर्ग मीटर एवं कुल 420.66 वर्ग मीटर निर्माण की स्वीकृति प्रदान की गई थी। उक्त स्वीकृति राष्ट्रीय राजमार्ग, लोक निर्माण विभाग, नगर पालिका परिषद मसूरी, जल संस्थान मसूरी, उप वन संरक्षक मसूरी वन प्रभाग, तथा भूतत्व एवं खनिकर्म विभाग द्वारा अनापत्ति प्रमाण-पत्र एवं जियोटेक्निकल जांच रिपोर्ट प्राप्त होने के उपरांत दी गई थी। स्वीकृत मानचित्र के अनुसार निर्माण कार्य राष्ट्रीय राजमार्ग के किनारे से 4.82 मीटर एवं मध्य रेखा से 10.07 मीटर दूरी पर अनुमन्य था। टीम द्वारा निरीक्षण में पाया कि संबंधित व्यक्तियों द्वारा जेसीबी/एक्सकेवेटर से राष्ट्रीय राजमार्ग की ओर अवैध खनन किया गया तथा स्वीकृत मानकों के अनुरूप कार्य नहीं किया गया। इसके परिणामस्वरूप स्थल पर पूर्व से जमा मलबे का भूस्खलन हुआ, जिससे मार्ग की प्रतिधारक दीवार पूर्णतः क्षतिग्रस्त हो गई तथा यातायात हेतु मार्ग असुरक्षित हो गया है।

आमजन की सुरक्षा को दृष्टिगत रखते हुए उक्त मार्ग को तत्काल प्रभाव से बंद कर दिया गया है। यातायात को वैकल्पिक मार्गों मोतीलाल नेहरू मार्ग, हाथीपांव मार्ग एवं नगर पालिका मार्ग से संचालित किया जा रहा है। प्रभारी निरीक्षक, कोतवाली मसूरी को मार्ग पर पूर्ण प्रतिबंध सुनिश्चित करने एवं वैकल्पिक मार्गों पर यातायात सुचारु रखने के निर्देश दिए गए हैं।

जिलाधिकारी द्वारा अधिशासी अभियन्ता, राष्ट्रीय राजमार्ग को क्षतिग्रस्त प्रतिधारक दीवार के पुनर्निर्माण कार्य तत्काल प्रारंभ करने तथा पुनर्निर्माण एवं क्षति से संबंधित समस्त व्यय की वसूली संबंधितों से आरसी के माध्यम से किये जाने के निर्देश दिए गए है। अधिशासी अभियन्ता, राष्ट्रीय राजमार्ग, डोईवाला को संबंधितों के विरुद्ध सुसंगत धाराओं में नामजद प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज करा दी गई हैं। एमडीडीए को स्वीकृत मानचित्र निरस्त कर निर्माण के विरुद्ध ध्वस्तीकरण की कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

जिलाधिकारी द्वारा खनन विभाग को उत्तराखण्ड खनिज (अवैध खनन, परिवहन एवं भण्डारण का निवारण) नियमावली-2021 एवं संशोधित भण्डारण नियमावली-2024 के नियम 14(5)(क) तथा उत्तराखण्ड उपखनिज परिहार नियमावली-2024 के नियम 57(1) के अंतर्गत कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। अवैध खनन की कुल मात्रा 1522.50 घनमीटर / 4384.80 टन (मिट्टी मिश्रित चूना पत्थर) पाई गई है। इस पर रॉयल्टी की तीन गुना दर से (4384.80 × 88.50 × 3) कुल ₹11,64,164/- (रुपये ग्यारह लाख चौसठ हजार एक सौ चौसठ मात्र) अर्थदण्ड निर्धारित किया गया है, जिसकी सम्बन्धितों से की जाएगी। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया कि राष्ट्रीय राजमार्ग एवं सार्वजनिक संपत्ति को क्षति पहुँचाने वालों के विरुद्ध कठोरतम कार्रवाई की जाएगी तथा जनसुरक्षा से किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा।

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