देहरादून : भारत सरकार के गृह मंत्रालय द्वारा आगामी जनगणना प्रक्रिया के अग्रिम चरण में प्रवेश किए जाने के दृष्टिगत जिलाधिकारी सविन बंसल को प्रमुख जनगणना अधिकारी नामित किया गया है। मंत्रालय की ओर से अपेक्षा की गई है कि जनगणना से जुड़ी सभी प्रारम्भिक तैयारियाँ—जनगणना चार्ज अधिकारियों की नियुक्ति, नियमित बैठकें, क्षेत्र निर्धारण, अन्तर्विभागीय समन्वय तथा अधीनस्थ कर्मचारियों की नियुक्ति—समयबद्ध रूप से पूर्ण कर त्वरित रूप से मंत्रालय को अवगत कराया जाए।
इसी क्रम में 28 जनवरी 2026 को निदेशक जनगणना (गृह मंत्रालय, भारत सरकार) एवं जिला प्रशासन देहरादून की संयुक्त बैठक आयोजित की गई। बैठक में कैन्ट बोर्ड गढ़ी एवं छावनी परिषद क्लेमनटाउन के मुख्य कार्यकारी अधिकारियों को लिखित सूचना व दूरभाष के माध्यम से विधिवत अवगत कराया गया था, इसके बावजूद दोनों अधिकारियों द्वारा बैठक में प्रतिभाग नहीं किया गया। इस पर निदेशक जनगणना ने कड़ा रोष व्यक्त किया।
इसके बाद 31 जनवरी 2026 को पुनः बैठक आहूत की गई, जिसकी सूचना 28 जनवरी को ही प्रेषित कर दी गई थी। अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) द्वारा बैठक के महत्व को स्पष्ट करते हुए दोनों छावनी परिषदों के मुख्य कार्यकारी अधिकारियों से व्यक्तिगत रूप से दूरभाष पर संपर्क कर सहभागिता का अनुरोध भी किया गया, फिर भी दोनों अधिकारी पुनः अनुपस्थित रहे।
अधिकारियों की लगातार अनुपस्थिति के कारण संबंधित छावनी क्षेत्रों का क्षेत्र निर्धारण नहीं हो सका, जिससे जनगणना से जुड़ी प्रारम्भिक कार्यवाही भी शुरू नहीं हो पाई। इस लापरवाही को गंभीरता से लेते हुए निदेशक जनगणना (गृह मंत्रालय, भारत सरकार) द्वारा जिला प्रशासन देहरादून को संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध Census Act, 1948 के अंतर्गत कार्रवाई की संस्तुति की गई है।
जिला प्रशासन देहरादून एवं निदेशक जनगणना द्वारा संयुक्त रूप से Census Act, 1948 की धारा 6, 7 एवं 11 के अंतर्गत अग्रिम विधिक कार्यवाही अमल में लाई जा रही है, जिसमें एक माह तक के कारावास का भी प्रावधान है।
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