उत्तराखण्ड : UCC लागू होने के बाद पहला बड़ा एक्शन

रुड़की : उत्तराखण्ड में समान नागरिक संहिता यानी UCC लागू होने के बाद हलाला से जुड़ा पहला मामला सामने आया है। बुग्गावाला थाना क्षेत्र में एक महिला की शिकायत पर पति समेत पांच लोगों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। मामला हलाला,तीन तलाक, दहेज उत्पीड़न और मारपीट जैसे आरोपों से जुड़ा है। पुलिस ने UCC की विशेष धाराओं के तहत कार्रवाई करते हुए जांच तेज कर दी है। 

पीड़िता शाहिन ने अपने पति मोहम्मद दानिश और ससुराल पक्ष पर गंभीर आरोप लगाए हैं। महिला का कहना है कि शादी के कुछ समय बाद से ही उसे दहेज के लिए प्रताड़ित किया जाने लगा। आरोप है कि कार समेत अन्य सामान की मांग की गई और विरोध करने पर उसके साथ मारपीट की गई। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने UCC उत्तराखंड-2024 की धारा 32(1)(ii) और 32(1)(iii) के तहत केस दर्ज किया है। ये धाराएं हलाला जैसी प्रथाओं को प्रतिबंधित और दंडनीय बनाती हैं। इसके अलावा भारतीय न्याय संहिता यानी BNS की धारा 115(2) और 85, मुस्लिम महिला विवाह अधिकार संरक्षण अधिनियम-2019 की धारा 3 और 4, साथ ही दहेज प्रतिषेध अधिनियम की धाराएं भी लगाई गई हैं। 

पुलिस के मुताबिक मुख्य आरोपी मोहम्मद दानिश के अलावा मोहम्मद अरशद, परवेज, जावेद और गुलशाना को भी नामजद किया गया है।  यह मामला इसलिए भी बेहद अहम माना जा रहा है क्योंकि उत्तराखंड में UCC लागू होने के करीब डेढ़ साल बाद हलाला और बहुविवाह से जुड़ा यह पहला मुकदमा सामने आया है। पीड़िता के भाई सलमान ने कहा कि उनकी बिरादरी में कई महिलाएं ऐसी प्रथाओं का शिकार होती रही हैं लेकिन बदनामी के डर से लोग सामने नहीं आते। उन्होंने कहा कि अगर इस बार आवाज नहीं उठाई जाती तो आगे और महिलाओं के साथ भी ऐसा हो सकता था। सलमान ने सरकार और प्रशासन का धन्यवाद करते हुए कहा कि नए कानून के तहत कार्रवाई होने से अब परिवार को न्याय की उम्मीद जगी है। अब इस हाई प्रोफाइल मामले पर सबकी नजरें टिकी हैं।

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