वनाग्नि रोकथाम को गढ़वाल वन प्रभाग की व्यापक तैयारी, 42 क्रू स्टेशनों पर 123 फायर वॉचर तैनात

  • वनाग्नि रोकथाम को लेकर वन विभाग सतर्क, 42 क्रू स्टेशनों पर 123 फायर वॉचर तैनात
  • जन-जागरुकता के लिए 96 रैली, गोष्ठी व कार्यशालाएं आयोजित, बड़े क्षेत्र में नियंत्रित फुकान कार्य पूर्ण

पौड़ी : जनपद में गर्मी के मौसम को देखते हुए संभावित वनाग्नि की घटनाओं की रोकथाम तथा प्रभावी नियंत्रण के लिए गढ़वाल वन प्रभाग, पौड़ी द्वारा व्यापक स्तर पर तैयारियां की जा रही हैं। वन विभाग द्वारा वन क्षेत्रों में सतत निगरानी, समयबद्ध कार्रवाई तथा जन-जागरुकता के माध्यम से आग की घटनाओं को रोकने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। विभाग का प्रयास है कि वनाग्नि की घटनाओं को न्यूनतम करते हुए वन संपदा, जैव विविधता तथा पर्यावरण की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

प्रभागीय वनाधिकारी महातिम यादव ने बताया कि गढ़वाल वन प्रभाग के अंतर्गत स्थापित 42 क्रू स्टेशनों के सापेक्ष अब तक कुल 123 फायर वॉचरों की तैनाती की जा चुकी है। इन फायर वॉचरों की जिम्मेदारी वन क्षेत्रों में नियमित गश्त करना, आग की संभावित घटनाओं पर सतर्क निगरानी रखना तथा आग लगने की स्थिति में तत्काल नियंत्रण की कार्रवाई करना है। उन्होंने बताया कि तैनात फायर वॉचरों के जीवन बीमा की कार्यवाही भी प्रचलित है, जिससे उनकी सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। आवश्यकता पड़ने पर फायर वॉचरों की संख्या में और वृद्धि की जाएगी, ताकि वन क्षेत्रों में निगरानी व्यवस्था और अधिक सुदृढ़ बनाई जा सके।

उन्होंने बताया कि वनाग्नि की घटनाओं की रोकथाम में जनसहभागिता अत्यंत महत्वपूर्ण है। इसी उद्देश्य से वन विभाग द्वारा विभिन्न वन रेंजों में व्यापक स्तर पर जन-जागरुकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। अब तक कुल 96 रैली, गोष्ठी एवं कार्यशालाओं का आयोजन किया जा चुका है, जिनमें ग्रामीणों, वन पंचायत प्रतिनिधियों, छात्रों तथा स्थानीय समुदायों को वनाग्नि से होने वाले नुकसान और उससे बचाव के उपायों की जानकारी दी गई है। इन कार्यक्रमों के माध्यम से लोगों से अपील की जा रही है कि वे जंगलों में सूखी घास या पत्तियों को जलाने से बचें तथा किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरतें।

डीएफओ ने बताया कि वनाग्नि की संभावनाओं को कम करने के लिए प्रभाग में व्यापक स्तर पर नियंत्रित फुकान (कंट्रोल्ड बर्निंग) का कार्य भी किया जा रहा है। इसके तहत अब तक कुल 19,867.204 हेक्टेयर क्षेत्रफल में नियंत्रित फुकान का कार्य सफलतापूर्वक संपन्न किया जा चुका है। इस प्रक्रिया के माध्यम से जंगलों में जमा सूखी घास, पत्तियां और अन्य ज्वलनशील पदार्थों को नियंत्रित तरीके से हटाया जाता है, जिससे बड़े पैमाने पर आग फैलने की संभावना कम हो जाती है।

उल्लेखनीय है कि वनाग्नि की घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण सुनिश्चित करने के लिए गढ़वाल वन प्रभाग द्वारा फायर वॉचरों को आवश्यक सुरक्षा एवं कार्य उपकरण भी उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इसके अंतर्गत उन्हें हेलमेट, ग्लव्स, जूते, हैडलाइट, फर्स्ट एड किट, सुरक्षा चश्मे तथा दरांती सहित अन्य आवश्यक उपकरण प्रदान किए गए हैं, ताकि आग बुझाने एवं निगरानी कार्य के दौरान उनकी सुरक्षा सुनिश्चित हो सके और वे अधिक प्रभावी ढंग से अपने दायित्वों का निर्वहन कर सकें। साथ ही वनाग्नि प्रबंधन व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ एवं प्रभावी बनाने के उद्देश्य से गढ़वाल वन प्रभाग द्वारा वनाग्नि प्रबंधन योजना–2026 भी तैयार की गई है। इस योजना के अंतर्गत वन क्षेत्रों में निगरानी तंत्र को मजबूत करने, त्वरित प्रतिक्रिया तंत्र विकसित करने, उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा स्थानीय समुदायों की भागीदारी को बढ़ावा देने पर विशेष जोर दिया गया है। डीएफओ ने आमजन से अपील की है कि वे वन क्षेत्रों में आग लगने की किसी भी घटना की सूचना तत्काल वन विभाग को दें तथा जंगलों में आग से बचाव के प्रति सतर्कता बरतें। उन्होंने कहा कि वन हमारी अमूल्य प्राकृतिक धरोहर हैं और इनके संरक्षण में जनसहभागिता अत्यंत आवश्यक है।

Portaladmin

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Next Post

पश्चिम एशिया संकट में UAE एयरस्पेस पर सख्त पाबंदी, दर्जनों फ्लाइट्स रद्द, टाइमिंग बदली

Sun Mar 15 , 2026
नई दिल्ली: पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और ईरान-अमेरिका-इजराइल संघर्ष के बीच यूएई (संयुक्त अरब अमीरात) ने दुबई सहित कई एयरपोर्ट्स पर हवाई उड़ानों पर सख्त प्रतिबंध लगा दिए हैं। इससे भारतीय एयरलाइंस को बड़ा झटका लगा है। एयर इंडिया (AI) ने कई उड़ानें पूरी तरह रद्द कर दीं, जबकि […]

You May Like

Breaking News

Share
error: Content is protected !!