तिब्बत सीमा से आई बाढ़ ने नेपाल में मचाई तबाही, कई लोगों के मरने की आशंका, 28 सुरक्षाकर्मी लापता

काठमांडू। नेपाल में तिब्बत सीमा से लगे रसुवा जिले में अचानक आई भीषण बाढ़ ने भारी तबाही मचा दी। बाढ़ से कई गांव और निर्माणाधीन इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट प्रभावित हुए हैं। हादसे के बाद 28 सुरक्षाकर्मियों से संपर्क नहीं हो पा रहा है। इनमें नेपाल पुलिस के 19 और आर्म्ड पुलिस फोर्स (APF) के नौ जवान शामिल हैं। प्रशासन ने नदी किनारे और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी है।

अधिकारियों के अनुसार रसुवा जिले के स्याप्रुबेसी और तिमुरे क्षेत्र बाढ़ से सबसे ज्यादा प्रभावित हुए हैं। भोटे कोशी नदी में अचानक जलस्तर बढ़ने के कारण नदी किनारे स्थित कई इलाकों और परियोजना स्थलों के बह जाने की सूचना है। जिला प्रशासन ने फिलहाल जान-माल के नुकसान का स्पष्ट आंकड़ा उपलब्ध नहीं होने की बात कही है। अधिकारियों ने बड़े नुकसान की आशंका जताई है।

28 सुरक्षाकर्मियों से संपर्क टूटा

बागमती प्रांत पुलिस कार्यालय के मुताबिक रसुवागढ़ी पुलिस पोस्ट में तैनात 22 पुलिसकर्मियों में से 13 से अभी संपर्क नहीं हो पाया है, जबकि नौ जवानों से संपर्क स्थापित हो गया है। वहीं स्याब्रूबेसी क्षेत्र में तैनात नौ पुलिसकर्मियों में से छह अभी भी लापता हैं। इसके अलावा तिमुरे बॉर्डर आउटपोस्ट पर तैनात आर्म्ड पुलिस फोर्स के नौ जवानों से भी संपर्क नहीं हो पा रहा है।

राहत और बचाव अभियान जारी

प्रधानमंत्री बालेन्द्र शाह ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव कार्य तेज करने के निर्देश दिए हैं। पुलिस और सेना की टीमों को भी अभियान में लगाया गया है। प्रशासन ने निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के निर्देश दिए हैं। नदी के जलस्तर पर लगातार नजर रखी जा रही है।

भारत तक पहुंचता है नदी का पानी

भोटे कोशी नदी तिब्बत से निकलती है और नेपाल में त्रिशूली नदी में मिलती है। त्रिशूली आगे भारत में गंडक नदी के रूप में बहती है। ऐसे में नेपाल में आई बाढ़ के बाद भारत के सीमावर्ती और नदी तटीय क्षेत्रों में भी सतर्कता बढ़ाई जा सकती है।

पिछले वर्ष भी भोटे कोशी नदी में आई बाढ़ ने बड़े पैमाने पर नुकसान पहुंचाया था। उस दौरान नौ लोगों की मौत हुई थी और 24 लोग लापता हो गए थे। बाढ़ में नेपाल और चीन को जोड़ने वाला फ्रेंडशिप ब्रिज भी बह गया था, जिससे कई महीनों तक आवागमन और व्यापार प्रभावित रहा था। फिलहाल नेपाल में राहत और बचाव टीमें प्रभावित क्षेत्रों में अभियान चला रही हैं और लापता सुरक्षाकर्मियों की तलाश की जा रही है।

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